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भगवती वंदना और नूतन वर्ष शुभकामना

 


जयति जय जय माँ जगदम्बा, दुःख-दारिद्र्य विनाशिनी।
शुभ्रवसना सुहासिनी, जन-मन-सिंहासन वासिनी॥

कर जोड़ि "मधु" वंदन करे, भक्ति-भाव उर धारि के।
तव शरण माँ मोहि राखियो, हरहु सब कष्ट निवारि के॥

चैत्र नवरात्रि पुनीत बेला, सजे घर-घर माँ के द्वार।
शक्ति स्वरूपा सिद्धिदात्री, करहु सब पर कृपा अपार॥

नूतन संवत्सर हो मंगल, हर्षित हो अब सकल जहान।
सुख-समृद्धि वैभव बढ़े, मान-सम्मान बढ़े कीर्ति महान॥

"मधु शर्मा" की ओर से आप सभी को,
चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।
और नूतन वर्ष मंगलमय हो!

✍️ — मधु शर्मा

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