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शतायु का रहस्य: प्राण-संयम और काल की सूक्ष्मता (गोपथ ब्राह्मण अथर्ववेद)

शरीर ही प्रथम माध्यम है वेदों और उपनिषदों का उद्घोष है: ' शरीरं आद्यं खलु धर्मसाधनम्' (अर्थात्: सभी धर्मों, कर्तव्यों और साधनाओं को पूरा करने का सबसे पहला माध्यम यह शरीर ही है।) कल्पना कीजिए, यदि शरीर एक 'वाहन' है, तो हमारी 'प्राण ऊर्जा' उसकी चालक आत्मा है। जैसे हम अपने सबसे महंगे वाहन के रख-रखाव (Maintenance) में कोई कमी नहीं छोड़ते, ठीक वैसे ही इस देह रूपी रथ का ध्यान रखना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। गोपथ ब्राह्मण का अद्भुत काल-विज्ञान अथर्ववेद के गोपथ ब्राह्मण (1.5.5) में समय की इतनी सूक्ष्म गणना दी गई है कि आधुनिक परमाणु घड़ियाँ भी पीछे छूट जाएँ। वहां समय को केवल मिनटों में नहीं, बल्कि 'वर्षतोधारा' (332 पिकोसेकंड) तक मापा गया है। ऋषि समझाते हैं कि हमारी आयु वर्षों में नहीं, बल्कि 'श्वासों की संख्या' में तय है। जो जितनी उथली और तेज श्वास लेता है, वह अपनी जीवन-पूंजी उतनी ही जल्दी खर्च कर देता है। इसके विपरीत, श्वास को सूक्ष्म करना ही 'शतायु' (100 वर्ष जीने) का वैज्ञानिक आधार है। श्वास: एक अनवरत यज्ञ गोपथ ब्राह्मण में श्वास प्रक्रिया को एक ...

अस्तित्व का महासंग्राम: विस्मृति से आत्मबोध की ओर

भूमिका: सोशल मीडिया का कोलाहल और हमारा उत्तर आजकल सोशल मीडिया के गलियारों में एक चर्चा अत्यंत प्रखर है—तमिलनाडु की राजनीति। मुद्दा यह है कि वहाँ के किसी भी बड़े राजनीतिक दल ने ब्राह्मण उम्मीदवार को चुनाव लड़ने हेतु टिकट नहीं दिया। इस समाचार ने पूरे देश के ब्राह्मण समाज को उद्वेलित और आहत कर दिया है। चारों ओर एक हताशा का वातावरण है; समाज का एक बड़ा वर्ग स्वयं को हतोत्साहित मान रहा है और ऐसा अनुभव कर रहा है मानो उसे मुख्यधारा से काटकर 'हाशिए' पर धकेला जा रहा है। किंतु, क्या एक 'टिकट' हमारा अस्तित्व तय करेगा? कदापि नहीं! ब्राह्मणों को इस समय अपने उस विराट इतिहास को स्मरण करने की आवश्यकता है, जो संकटों में ही निखरकर सामने आया है। याद रखिये, जब सरस्वती नदी सूखी थी... तब हमारे पूर्वजों ने विलाप नहीं किया था। जल ही जीवन था, और वही स्रोत लुप्त हो गया था, किंतु उस समय उन्होंने 'नूतन विकल्प' चुने। वे गंगा के उर्वर मैदानों की ओर बढ़े, उन्होंने नए भूगोल रचे और अपनी मेधा से एक ऐसी नई सभ्यता खड़ी कर दी जिसने विश्व का मार्गदर्शन किया। आज राजनीति की धाराएँ भले ही सूखती दिख रही ह...